आज का खुबसूरत लव शायरी हिंदी में 15 अक्टूबर 2023, Today's beautiful love poetry in Hindi 15 October 2023
लगता है इश्क अपने वसूलों के कायम रहेगा यह कल भी तकलीफ देता था और आगे भी तकलीफ देगा।
महफिलों में भी वह और तन्हाइयों में भी वह रहा करती है क्या इश्क की हर घड़ी में ऐसे ही मोहब्बत रहा करती है।
कर्ज चढ़ गया है अब तुम पर मेरे प्यार का तो सवाल ही नहीं उठाता तुम्हारे इनकार का।
इतनी गहराइयों में जा पहुंचा है इश्क मेरा देखना पैमाना भी छोटा पड़ जाएगा तेरा।
सांस तो ले लेने दिया करो तेरी याद आ जाते हों।
कैसे छोड़ दूं तुझसे मोहब्बत करना तो किस्मत में ना सही पर दिल में तो है।
ना कोई किसी से दूर ना की कोई किसी के करीब होता है प्यार चल कर खुद आता है जब कोई किसी के नसीब में होता है।
मोहब्बत में शिद्दत के साथ इज्जत भी मायने रखती है।
लिखूं तो अल्फाज हो तुम,
सोचूं तो ख्याल हो तुम,
मांगूं तो दुआ हो तुम,
सच कहूं तो मोहब्बत हो तुम।
छोड़ दिया हमने वह रास्ता जिस पर वह चली थी मगर उसके ख्यालों में आज भी खोए हैं हम।
ऐसा नहीं है कि मेरे शहर वह आते नहीं बात यह है कि अब वह मुझे बताते नहीं।
दिल की गहराइयों में छुपा है प्यार तेरा तू है मेरी जिंदगी में सबसे प्यारा तेरे बिना यह जिंदगी अधूरी सी है तू है मेरे दिल की आवाज में जिंदगी का तारा।
वह मुझे आज भी याद करती है दिल में गहरा रात छुपाए रहती है दिन में हस्ती खेलती रहती है चांदनी रात में बैठकर बस मुझे ही याद करती है।
सुकून क्या है किसी ऐसी चाहत का मिल जाना इसके बाद कोई चाहत ना हो।
काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर वह आकर गले लगे मेरी इजाजत के बगैर।
तुम हिंदी का शब्द हो मैं हूं गणित का सवाल मेरा हाल तो ठीक है तेरे अर्थ हजार।
कैसे कह दूं इश्क में मैं तुमसे मेरे लिए इश्क का मतलब ही तुम हो।
ख्वाबों की दुनिया में खो जाने का मन करता है तुमसे मिलकर हर दर्द को भूल जाने का मन करता है।
तेरे इश्क में दीवाना बनाया है मुझे तेरी आंखों का जादू गवाह है।
तेरी यादों की बरसात मेरी कलम की आवाज है तू ना हो तो सब दुख का रंग बेहद उदास है मानो समय रुक कर ठहरा मेरे पास है।
मेरे लफ्जों को इतनी शिद्दत से ना पढ़ा करो कुछ याद रह गया तो भूल नहीं पाओगे।
चेहरे से दिल की बातों को पढ़ना सीखा है
नजरों से होते इशारों को समझना सीखा है
फेस लॉक यह मस्ती और यह तस्सवुर में जीना
बस अपने ख्यालों को कागज पर सजाना सिखा है।
इश्क की राहों में जो बिछड़ जाए वह खुद की तरह होते हैं वह हमेशा दिल के पास होते हैं बस नज़रों से दूर होते हैं।
वह कहती तो मैं मुसलमान हो जाता वह कहती तो मैं इसी हो जाता हिन्दू तो मैं पहले से ही था वह कहती तो मैं इंसान हो जाता।
तुम्हारे फैसले ही तुम्हारी जिंदगी में बवाल करेंगे देखना यह जो दुनिया वाले हैं सिर्फ तुम्हारा इस्तेमाल करेंगे।
कुछ यूं ही चलेगा तेरा मेरा रिश्ता उम्र भर मिल गए तो बातें लंबी ना मिले तो यादें लंबी।
मतलब की दुनिया गरीब का जमाना है दिलों में नफरत मौके पर याराना है।
आंख में पानी रखो होठों पर चिंगारी रखो जिंदा रहना है तो तरक्की भी बहुत सारी रखो।
तुम लॉक करने की तकलीफ दोबारा मत करना हम एक बार की गई मोहब्बत दोबारा नहीं करते।
परवाने को शमा पर जलकर कुछ तो मिला होगा यूं ही करने के लिए मोहब्बत नहीं करता होगा।
मैं तो इस वास्ते चुप हूं कि तमाशा ना बने और तू समझता है मुझे तुझसे गिला कुछ भी नहीं।
आजकल की समोसे नाता जरा अमिक कर रखा है ढलती रोशनी और तू यादों में शरीक है।
मोहब्बत ही देखनी है मेरी तो दिल से लगा कर देखो धड़कन ना बढ़ जाए तो मोहब्बत ठुकरा देना।
कुछ काम है जो हम आज भी निभा रहे हैं तुझे चाहते थे और तुझे ही चाह रहे है।
सुलग रहा है लोबान सा मुझ में तुम्हारी याद ने महका के दिया जला भी दिया।
तुम सहारा दो मैं डूब जाऊं ठीक इशारे पर सामने समुंदर हो तो कब तक बैठो किनारे पर।
इश्क भी चाहते हो और सुकून भी चाहते हो गजब करते हो यार तुम ही अमावस की रात में चांद जाते हो।
बेशुमार यादों में मदहोश रखा है स्वाद इश्क का यारों मैंने चखा है कुछ नहीं है बिरहा में तड़प के सिवा यूं ही नहीं नाम इश्क का जहर रखा है।
शिकवे आंखों से गिर पड़े वरना,
शिकायत होठों से कब की हमने।
देखते हैं अब क्या मुकाम आता है सूखे पत्तों को इश्क हुआ है बहती हवा से।
चांद से ज्यादा या किन मुझे तेरे होने का था डर मुझे अंधेरों का नहीं तुझे खोने का था।
यार कहा ना तुम अपने लगते हो मुस्कुराते रहो अच्छे लगते हो।
ना होगी किसी से मोहब्बत यह मेरा वादा है इस दिल को तेरी जरूरत हद से ज्यादा है।
इश्क ने गालिब निकम्मा करती है वरना हम भी आदमी थे काम के।
तुम जब कहोगे हम तब मिलेंगे लेकिन 1 साल पर ना घड़ी तुम पहनोगे ना वक्त हम देखेंगे।
इस तरह भी होता है इश्क आजमा कर तो देख बिना मिले ही उम्र भर चलता है सिलसिला तू निभा कर तो देख।
कोशिश बहुत की की राज–ए–मोहब्बत बयान हो पर मुमकिन कहां है कि आग लगे और धूंआ ना हो।
इश्क तो फिर असर भी होगा जितना है इधर उतना ही उधर भी होगा।
प्यार में कितना ही बाधा देखी फिर भी कृष्ण के साथ राधा ही दिखी।
मुझे किताब की तरह पढ़ा करो
हर पन्नो पर थोड़ा रुक करो
मैं लहरों सा मन चलता हूं तेरे लिए
तुम भी बदल था थोड़ा छुका करो।
पूरा हक है तेरा मुझ पर तू सब जताया कर
मैं ना पूछूं तुझे फिर भी बताया कर।
मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर वह मुस्कुरा कर बोले और तुम्हें आता ही क्या है।
बहुत मन कर रहा है आज उसको छूने का ए खुदा कुछ पल के लिए मुझको हवा बना दे।
लो मैं आंखों पर हाथ रखता हूं तुम अचानक कहीं से आ जाओ।
मैं शाम लिखूंगी, तुम इंतजार समझना मैं जिंदगी लिखूंगी, तुम खुद को समझना मैं लिखूं या ना लिखूं तुम मुझको पढ़ते रहना।
शायरी मेरी, लिखना मेरा
लफ्ज मेरे पर जिक्र तेरा।
क्यों ना तुम ठंड बन जाओ कितना भी खुद को बचाऊं हूं तुम मुझे लग ही जाओ।
तेरा इश्क चक्र भी गुस्सा है और मैं अभिमन्यु।
1 इंच भी छोड़ने को मन नहीं करता किसी झगड़े की जमीन सी लगती हो तुम।
तुम कहां हो मेरी करीब आओ मैं कहा हूं मुझे पता तो चले।
मोहब्ब्त लोगों के बीच का नशा है जिसे पहले होश आ जाए वह बेवफा है।
फसल बढ़ा लिया तुमने मैंने दीवार पक्की कर ले जरा सी गलतफहमी में देखो कितनी तरक्की कर ली।
इंतजार, इजहार, इबादत सब किया मैंने तुम्हें क्या बताऊं
कितना इश्क किया मैंने।
मेरा झुकना और तेरा खुदा हो जाना यार अच्छा नहीं इतना बड़ा हो जाना।
Conclusion:
हेलो दोस्तों कैसी हो आप सभी आशा करता हूं हमेशा की तरह आज भी आप बेहतर होंगे, अभी तक आप लोगों ने मुझे कमेंट नहीं किया मुझे दुख है इस बात का कोई बात नहीं आज की अभी जो पोस्ट पर है यह तो कमेंट करके बताइए कि यह पोस्ट कैसी है और देख रहा हूं कि आप लोगों में से किसी ने मुझे फॉलो अभी तक किसी ने नहीं किया है की जल्दी से आप मेरे इस ब्लॉक को फॉलो कर ले ताकि मैं जब भी आपके लिए कोई पोस्ट लेकर आऊं उसकी नोटिफिकेशन सबसे पहले आपको मिल जाए और मेरी ब्लॉग पर ऐसे ही प्यार बनाए रखिएगा।
धन्यवाद






























































