जिन्दगी बदल देने वाले motivational quotes in Hindi 2023,Life changing motivational quotes, thoughts and teachings in Hindi 2023
हेलो दोस्तों कैसे हो आप सभी, आशा करता हूं अच्छे से होंगे।
भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो पुराना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोस्त लेने में।
अगर मरने के बाद भी जीना है तो एक काम जरुर करना पढ़ने लायक कुछ लिख जाना या फिर लिखने लायक कुछ कर जाना।
मायूस मत हो बंदे,
वजूद तेरा छोटा नहीं,
तू वह कर सकता है
जो किसी में सोचा नहीं।
संघर्ष की जो चलता है
वही संसार को बदलता है
जिसने रास्तों से है जंग जीती
सुबह सूर्य बनकर वही चमकता है।
जीवन में गिरना भी अच्छा है
औकात का पता चलता है
बढ़ते है जब हाथ उठाने को
तो अपनों का पता चलता है।
जो व्यक्ति अपने आप से इमानदार होता है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
उपदेश सुना दो और ना सुनो
बस कर्म करते जोओ
सफलता जरूर मिलेगी।
युद्ध बस अपने विरुद्ध होना चाहिए।
इस दुनिया में तुम्हें सब कुछ
मिल सकता है बस पानने की
जिद होनी चाहिए।
जॉइन से हम जीती है
उसके लिए हर मुकाम आसान है।
मंजिले क्या है रास्ता क्या है
हौसला हो तो फैसला क्या है
जो रास्तों को कोशिशें में गंवा देते हैं
वही सपनों की चिंगारी को और हवा देते हैं।
सुविचार:
मेहनत पापा से सीखिए
और संस्कार मां से
बाकी सब दुनिया सिखा देगी।
जिस समस्या का हाल समझ न आए
उसे वक्त और ईश्वर पर छोड़ देना चाहिए
यकीनन परिणाम अच्छा होगा।
एक बुरे दिन और एक अच्छे दिन
में फर्क सिर्फ सोच का है।
जीवन में दो ही लोग असफल होते हैं
एक वो जो सोचते हैं लेकिन करते नहीं
दूसरे वो जो करते हैं पर सोचते नहीं हैं।
संबंध बड़ी-बड़ी बातें करने से नहीं
छोटे-छोटे भाव को समझने से गहरे होते हैं।
समस्या अंत की तरफ इशारा नहीं करती
बल्कि रास्ता दिखाती है।
परिस्थिति में जितना ज्यादा आपको तोड़ती है
उससे कहीं ज्यादा आपको मजबूत बनाती है।
विश्वास के बिना ना प्रेम
संभव है और ना ही प्रार्थना।
जब कोई सहारा ना हो
तो कुदरत सहारा बनती है
बस इरादे और नियत नेक होनी चाहिए।
जिंदगी एक शिक्षक की तरह होती है
जो समय पर सब की परीक्षा लेती है।
याद रहे अगर सहयोगी बनना है
तो पहले दूसरों को सहयोग देना सीखे।
सहनशीलता
क्षमता से अधिक श्रेष्ठ है और
धैर्य सौंदर्य से अधिक श्रेष्ठ है।
हम अपने विचारों से आकर लेते हैं
जैसे हम सोचते हैं वैसे ही हम हो जाते हैं।
जिक्र से नहीं फिक्र से मालूम चलता है
कि इस दुनिया में अपना कौन है।
किसी का सरल स्वभाव
उसकी कमजोरी नहीं होती
उसके संस्कार होते हैं।
नियत और सोच अच्छी होनी चाहिए
बातें तो कोई भी अच्छा कर सकता है।
मिले तो शुक्र करें
ना मिले तो सब्र।
कुछ अलग करना है
तो भीड़ से हटकर चलो।
इंसानियत दिल में होती है
हैसियत में नहीं
ऊपर वाला कर्म देखता है
वसीयत नहीं।
देने के लिए दान
लेने के लिए ज्ञान और
त्यागने के लिए अभियान सर्वश्रेष्ठ है।
मुश्किले केवल बेहतरीन लोगों के
हिस्से में आती है क्योंकि
वही लोग उन्हें बेहतरीन तरीके से
अंजाम देने की ताकत रखते हैं।
इंसान का बड़प्पन उसकी
हैसियत नहीं इंसानियत तय करती है।
शांत मन में लिया गया हर निर्णय
आपको सही परिणाम देता है।
उपदेश:
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है
जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है ।
- महाभारत
कानून और व्यवस्था, राजनीतिक शरीर की दवा है जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा ज़रूर दी जानी चाहिए।
• डॉ. भीमराव अम्बेडकर
दुश्मनों की गोलियों का हम डटकर सामना करेंगे, आज़ाद हैं, आज़ाद ही रहेंगे ।
- चन्द्रशेखर आज़ाद
शतहस्त समाहर सहस्त्रहस्त संकिर ।
अर्थात्
सौ हाथ से कमाओ और हजार हाथ से दान करो ।
- अथर्ववेद
इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है, यह जानते हुए भी कि भाग्य से भी ऊंचा उसका कर्म है, जो स्वयं के हाथों में है।
• श्रीमद्भगवद्गीता
जिंदगी तो सिर्फ अपने दम पर ही जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो जनाजें उठाए जाते हैं ।
- भगत सिंह
शक्ति के अभाव में विश्वास व्यर्थ है। विश्वास और शक्ति, दोनों किसी महान काम को करने के लिए आवश्यक हैं।
– सरदार वल्लभ भाई पटेल
तदेतत्सत्यं यथासुचौशुश्चैवामृतत्वमुपैति ।
नान्यः पन्था विद्यतेऽयनाय ।
अर्थात्
यह सत्य है.
जैसे शुक्ल और कृष्ण पक्ष अमृतता को प्राप्त होते हैं, वैसे ही दूसरा कोई मार्ग नहीं है, अनामयता की प्राप्ति के लिए।
- मुंडक उपनिषद
रावण को भगवान राम ने नहीं मारा था
बल्कि उसके अहंकार, अनैतिकता
और अधर्म ने नष्ट किया था।
- रामायण
अगर कोई किसी प्रकार का सहयोग करता है
तो उससे मुंह मत मोड़िए ।
- महात्मा फुले
इन्द्रं मित्रं वरुणमग्निमाहुरथो दिव्यः स सुपर्णो गरुत्माना एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्त्यग्निं यमं मातरिश्वानमाहुः ॥
अर्थात् ऋषियों ने उस एक परमात्मा को इन्द्र, मित्र, वरुण, अग्नि, गरुड़ी, गरुत्मान,
एक, सत्य-वादी और बहुधा नाम दिया है । उन्होंने उसे अग्नि, यम, और मातरिश्वा भी कहा है ।
- ऋग्वेद
हम एक अद्भुत दुनिया में रहते हैं जो सौंदर्य, आकर्षण और रोमांच से भरी हुई है। यदि हम खुली आँखों से खोजें, तो यहाँ रोमांच का कोई अंत नहीं है।
-पंडित नेहरू
यास्य यल्लक्षणं प्रोक्तं पुंसी वर्णाभिव्यञ्जकम् । यदन्यत्रापि दृश्यत तत्तेनैव विनिर्दिशेत् ॥ अर्थात्
जिसके लक्षण उत्तम पुरुष के रूप में कहे गए हैं, उसकी पहचान करने में यदि कहीं भी संदेह हो, तो उसके पहचान का माप उसी लक्षण से करना चाहिए ॥
- मनुस्मृति
किसी और का काम पूर्णता से करने से कहीं अच्छा है कि अपना काम करें, भले ही उसे अपूर्णता से करना पड़े।
- महाभारत
Conclusion:
हेलो दोस्तों अभी आप लोगों ने मेरी पोस्ट पढ़ी होगी आशा करता हूं। कि आप मेरी इन पोस्ट में कही गई बातों को ध्यान देंगे और उसे अपनी लाइफ में अमल भी लेंगे। मुझे खुशी होगी कि अगर जितनी भी मोटिवेशनल बातें हैं। उसका 10% भी अपनी लाइफ में उसको धारण करते हैं तो आपके जीवन बदल सकती है आपकी बेहतर लाइफ कि मै कामना करता हूं
धन्यवाद।
















































